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- 113 - डगमग डगमग डोले नैया ---- उमा
डगमग डगमग डोले नैयापार लगावो तो जानूँ खेवैया चंचल चित्त को मोह ने घेरा, पग-पग पर है पाप का डेरा,लाज रखो तो लाज रखैयापार लगावो तो जानूँ खेवैया छाया चारों ओर अँधेरा, तुम बिन कौन सहारा मेरा,हाथ पकड़ कर बंसी बजैयापार लगावो तो जानूँ खेवैया भक्तों ने तुमको मनाया भजन से, मैं तो रिझाऊँ तुम्हें आँसुवन से,गिरतों को आ के उठावो कन्हैयापार लगावो तो जानूँ खेवैया Listen to
Sat, 4 Jun 2022 - 112 - ये विनती रघुवीर गोसाई — उमा
ये बिनती रघुबीर गुसांई,और आस बिस्वास भरोसो, हरो जीव जड़ताई,चहौं न कुमति सुगति संपति कछु, रिधि सिधि बिपुल बड़ाई,हेतू रहित अनुराग राम पद बढै अनुदिन अधिकाई,कुटील करम लै जाहिं मोहिं जहं जहं अपनी बरिआई,तहं तहं जनि छिन छोह छांडियो कमठ-अंड की नाईं,या जग में जहं लगि या तनु की प्रीति प्रतीति सगाई,ते सब तुलसी दास प्रभु ही सों होहिं सिमिटि इक ठाईं,Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking
Fri, 3 Jun 2022 - 111 - चितचोरन छबि रघुबीर की — उमा
चितचोरन छबि रघुबीर की।बसी रहति निसि बासर हिय मेंबिहरनि सरजू तीर की ।चितचोरन छबि रघुबीर की...उर मणि माल पीत पट राजतचलनि मस्त गज गीर की ।चितचोरन छबि रघुबीर की...सिया अलि लखि अवध छैल छबिसुधि नहीं भूषण चीर की ।चितचोरन छबि रघुबीर की...Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking here.
Fri, 3 Jun 2022 - 110 - ऐसो को उदार जग माहीं - उमा
ऐसो को उदार जग माहीं ।बिनु सेवा जो द्रवै दीन पर, राम सरस कोउ नाहीं ॥जो गति जोग बिराग जतन करि, नहिं पावत मुनि ज्ञानी ।सो गति देत गीध सबरी कहँ, प्रभु न बहुत जिय जानी ॥जो संपति दस सीस अरप करि, रावण सिव पहँ लीन्हीं ।सो संपदा विभीषण कहँ अति सकुच-सहित हरि दीन्हीं ॥तुलसीदास सब भांति सकल सुख जो चाहसि मन मेरो ।तो भजु राम, काम सब पूरन करहि कृपानिधि तेरो ॥Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by
Thu, 2 Jun 2022 - 109 - नाथ मेरो कहा बिगरेगो - उमा
नाथ मेरो कहा बिगरेगोजायेगी लाज तुम्हारीभूमि बिहीन पाण्डव सुत डोले, जब ते धरमसुत हारेरही है ना पैज प्रबल पारथ की, कि भीम गदा महि डारी,नाथ मेरो कहा बिगरेगो ...शूर समूह भूप सब बैठे, बड़े बड़े प्रणधारी,भीष्म द्रोण कर्ण दुशासन, जिन्ह मोपे आपत डारी,नाथ मेरो कहा बिगरेगो ...तुम तो दीनानाथ कहावत, मैं अति दीन दुखारी,जैसे जल बिन मीन जो तड़पै, सोई गति भई हमारी,नाथ मेरो कहा बिगरेगो ...मम पति पांच, पांचन के तुम
Wed, 1 Jun 2022 - 108 - सुनि कान्हा तेरी बांसुरी - उमा
सुनि कान्हा तेरी बांसुरी,बांसुरी तेरी जादू भरी॥सारा गोकुल लगा झूमने,क्या अजब मोहिनी छा गयी,मुग्ध यमुना थिरकने लगी,तान बंसी की तड़पा गयी,छवि मन में बसी सांवरी।सुनि कान्हा तेरी बांसुरीबांसुरी तेरी जादू भरीहौले से कोई धुन छेड़ के,तेरी मुरली तो चुप हो गयी,सात सुर भंवर में कहीं,मेरे मन की तरी खो गयी,मैं तो जैसे हुई बावरी।सुनि कान्हा तेरी बांसुरी,बांसुरी तेरी जादू भरी।Listen to Bhajan sung by Dr.
Wed, 1 Jun 2022 - 107 - म्हाणे चाकर राखो जी - उमा
म्हाणे चाकर राखो जी, गिरधारी ...चाकर रहस्यूँ बाग लगास्यूँ नित उठ दरशन पास्यूँ।वृन्दावन की कुञ्ज गलिन में गोविन्द लीला गास्यूँ।म्हाणे चाकर राखो जी, गिरधारी ...ऊँचे ऊँचे महल बनाऊँ बिच बिच राखूँ क्यारी।साँवरिया के दरशन पाऊँ पहर कुसुम्बी साड़ी।म्हाणे चाकर राखो जी, गिरधारी ...मीराँ के प्रभु गहर गम्भीरा हृदय धरो री धीरा।आधी रात प्रभु दरशन दीन्हे प्रेम नदी के तीरा।म्हाणे
Tue, 31 May 2022 - 106 - यदि नाथ का नाम दयानिधि है - उमा
Click here to listen to bhajan in the voice of Dr. Uma Shrivastav यदि नाथ का नाम दयानिधि है, तो दया भी करेंगे कभी न कभी । दुखहारी हरी, दुखिया जन के, दुख क्लेश हरेगें कभी न कभी । जिस अंग की शोभा सुहावनी है, जिस श्यामल रंग में मोहनी है । उस रूप सुधा से स्नेहियों के, दृग प्याले भरेगें कभी न कभी । जहां गीध निषाद का आदर है, जहां व्याध अजामिल का घर है । वही वेश बनाके उसी घर में, हम जा
Mon, 30 May 2022 - 105 - नमो अंजनिनंदनं वायुपूतम् - उमा
नमो अंजनिनंदनं वायुपूतम् सदा मंगलाकर श्रीरामदूतम् ।महावीर वीरेश त्रिकाल वेशम् घनानन्द निर्द्वन्द हर्तां कलेशम् ।नमो अंजनिनंदनं वायुपूतम् सदा मंगलाकर श्रीरामदूतम् ।संजीवन जड़ी लाय नागेश काजेगयी मूर्च्छना रामभ्राता निवाजे।सकल दीन जन के हरो दुःख स्वामीनमो वायुपुत्रं नमामि नमामि।नमो अंजनि नंदनं वायुपूतम् सदा मंगलागार श्री राम दूतम् ।Listen to Bhajan sung by Dr.
Sat, 28 May 2022 - 104 - रघुवर तेरो ही दास कहाऊँ - उमा
रघुवर तेरो ही दास कहाऊँतेरो नाम जपूँ निसि वासरतेरो ही गुण गाऊँरघुवर तेरो ही दास कहाऊँतुम ही मेरे प्राण जीवन धनतुम तजि अनत न जाऊँतुम्हरे चरण कमल को भज कररतन हरि सुख पाऊँरघुवर तेरो ही दास कहाऊँListen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking here.
Sat, 28 May 2022 - 103 - साधो, मन का मान त्यागो - उमा
साधो, मन का मान त्यागो।काम, क्रोध, संगत दुर्जन की, इनसे अहि निशि भागो,साधो, मन का मान त्यागो…सु:ख-दुःख दोऊ सम करि जानो, और मान अपमाना,हर्ष-शोक से रहै अतीता, तीनों तत्व पहचाना,साधो, मन का मान त्यागो…अस्तुति निंदा दोऊ त्यागो, जो है परमपद पाना,जन नानक यह खेल कठिन है, सद्गुरु के गुन गाना, साधो, मन का मान त्यागो…alternateअस्तुति निंदा दोऊ त्यागो, खोजो पद निरवाना,जन नानक यह खेल कठिन है,
Sat, 28 May 2022 - 102 - अब तो माधव मोहे उबार - उमा
अब तो माधव मोहे उबार |दिवस बीते रैन बीती, बार बार पुकार ||नाव है मझधार भगवान्, तीर कैसे पाए,घिरी है घनघोर बदली पार कौन लगाये |काम क्रोध समेत तृष्णा, रही पल छिन घेर,नाथ दीनानाथ कृष्ण मत लगाओ देर |दौड़ कर आये बचाने द्रौपदी की लाज,द्वार तेरा छोड़ के किस द्वार जाऊं आज |Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking here.
Sat, 28 May 2022 - 101 - रघुवर तुमको मेरी लाज - उमा
रघुवर तुमको मेरी लाज ।सदा सदा मैं शरण तिहारी,तुम हो गरीब निवाज़ ॥पतित उधारण विरद तिहारो,श्रवनन सुनी आवाज ।तुमको मेरी लाज, रघुवर तुमको मेरी लाज …हौँ तो पतित पुरातन कहिए,पार उतारो जहाज ॥तुलसीदास पर किरपा कीजै,भगति दान देहु आज ॥तुमको मेरी लाज, रघुवर तुमको मेरी लाज …अघ खंडन दुःख भन्जन जन के,यही तिहारो काज ।तुमको मेरी लाज, रघुवर तुमको मेरी लाज …Listen to Bhajan sung by
Sat, 28 May 2022 - 100 - मंगल मूरति राम दुलारे - उमा
मंगल मूरति राम दुलारे,आन पड़ा अब तेरे द्वारे,हे बजरंगबली हनुमान,हे महावीर करो कल्याण,हे महावीर करो कल्याण ॥तीनों लोक तेरा उजियारा,दुखियों का तूने काज सँवारा,हे जगवंदन केसरीनंदन,कष्ट हरो हे कृपानिधान ॥मंगल मूरति राम दुलारे…तेरे द्वारे जो भी आया,खाली नहीं कोई लौटाया,दुर्गम काज बनावन हारे,मंगलमय दीजो वरदान ॥मंगल मूरति राम दुलारे…तेरा सुमिरन हनुमत वीरा,नासे रोग हरे सब पीरा,राम लखन सीता मन
Sat, 28 May 2022 - 99 - प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर - उमा
प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर,प्रभु को नियम बदलते देखा ।उनका मान भले टल जाए,भक्त का मान न टलते देखा ॥जिनकी केवल कृपा दृष्टि से,सकल सृष्टि को पलते देखा ।उनको गोकुल के गोरस पर,सौ-सौ बार मचलते देखा ॥प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर…जिनके चरण कमल कमला के,करतल से न निकलते देखा ।उनको बृज करील कुञ्जों में,कंटक पथ पर चलते देखा ॥प्रबल प्रेम के पाले पड़ कर…जिनका ध्यान विरंचि शम्भुसनकादिक से न सम्हलते देखा ।उनको बाल
Sat, 28 May 2022 - 98 - गोविंद कबहुँ मिले पिया मेरा - उमा
गोविंद कबहुं मिलै पिया मेरा॥चरण-कंवल को हंस-हंस देखूं राखूं नैणां नेरा।गोविंद, राखूं नैणां नेरा।गोविंद कबहुं मिलै पिया मेरा॥निरखणकूं मोहि चाव घणेरो कब देखूं मुख तेरा।गोविंद, कब देखूं मुख तेरा।गोविंद कबहुं मिलै पिया मेरा॥व्याकुल प्राण धरत नहिं धीरज मिल तूं मीत सबेरा।गोविंद, मिल तूं मीत सबेरा।गोविंद कबहुं मिलै पिया मेरा॥मीरा के प्रभु गिरधर नागर ताप तपन बहुतेरा।गोविंद, ताप
Sat, 28 May 2022 - 97 - अब सौंप दिया इस जीवन का - उमा
Click here to listen to the bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava अब सौंप दिया इस जीवन का, सब भार तुम्हारे हाथों में. उद्धार पतन अब मेरा है, भगवान तुम्हारे हाथों में.अब सौंप दिया इस जीवन का… हम तुमको कभी नहीं भजते, फिर भी तुम हमें नहीं तजते. अपकार हमारे हाथों में, उपकार तुम्हारे हाथों में.अब सौंप दिया इस जीवन का… हम में तुम में है भेद यही, हम नर हैं, तुम नारायण हो. हम हैं संसार के हाथों में,
Sat, 28 May 2022 - 96 - भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना - उमा
Click here to listen to the bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना । अब तक तो निभाया है, आगे भी निभा देना ॥ दल बल के साथ माया, घेरे जो मुझको आ कर ।तो देखते न रहना, झट आ के बचा लेना ॥ भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना । संभव है झंझटों में मैं तुमको भूल जाऊं । पर नाथ कहीं तुम भी मुझको ना भुला देना ॥ भगवान मेरी नैया उस पार लगा देना । तुम देव मैं पुजारी, तुम ईश मैं उपासक
Sat, 28 May 2022 - 95 - यही हरि भक्त कहते हैं - उमा
Click here to listen to the bhajan by Dr. Uma Shrivastav यही हरि भक्त कहते हैं, यही सद्-ग्रन्थ गाते हैं ।कि जाने कौन से गुण पर दयानिधि रीझ जाते हैं ॥नहीं स्वीकार करते हैं निमंत्रण नृप सुयोधन का ।विदुर के घर पहुंचकर भोग छिलकों का लगाते हैं ॥कि जाने कौन से गुण पर दयानिधि रीझ जाते हैं ।यही हरि भक्त कहते हैं, यही सद्-ग्रन्थ गाते हैं ॥न आये मधुपुरी से गोपियों की दुख कथा सुनकर ।द्रुपदाजी
Sat, 28 May 2022 - 94 - कान्हा तोरी जोहत रह गई बाट - उमा
कान्हा तोरी जोहत रह गई बाट ।जोहत जोहत एक पग ठानी,कालिंदी के घाट,कान्हा तोरी जोहत रह गई बाट ।झूठी प्रीत करी मनमोहन,या कपटी की बात,कान्हा तोरी जोहत रह गई बाट ।मीरा के प्रभु गिरघर नागर,दे गियो बृज को चाठ,कान्हा तोरी जोहत रह गई बाट ।Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking here.
Fri, 27 May 2022 - 93 - अबकी टेक हमारी - उमा
अबकी टेक हमारी, लाज राखो गिरिधारी।जैसी लाज रखी पारथ की, भारत जुद्ध मंझारी। सारथि होके रथ को हांक्यो, चक्र-सुदर्शन-धारी।भगत की टेक न टारी।अबकी टेक हमारी…जैसी लाज रखी द्रौपदि की, होन्हिं न दीन्हिं उघारी। खैंचत खैंचत दोऊ भुज थाके, दु:शासन पचि हारी।चीर बढ़ायो मुरारी ।अबकी टेक हमारी…सूरदास की लज्जा राखो, अब को है रखवारी ? राधे राधे श्रीवर-प्यारी श्रीवृषभान-दुलारी। सरन तकि आयो
Thu, 26 May 2022 - 92 - किसकी शरण में जाऊं - उमा
किसकी शरण में जाऊं अशरण शरण तुम्हीं हो ॥गज ग्राह से छुड़ाया प्रह्लाद को बचाया।द्रौपदी का पट बढ़ाया निर्बल के बल तुम्हीं हो ॥अति दीन था सुदामा आया तुम्हारे धामा।धनपति उसे बनाया निर्धन के धन तुम्हीं हो ॥तारा सदन कसाई अजामिल की गति बनाई।गणिका सुपुर पठाई पातक हरण तुम्हीं हो ॥मुझको तो हे बिहारी आशा है बस तुम्हारी।काहे सुरति बिसारी मेरे तो एक तुम्हीं हो ॥Listen to Bhajan sung by
Wed, 25 May 2022 - 91 - तू दयालु दीन हौं - उमा
तू दयालु, दीन हौं, तू दानि, हौं भिखारी।हौं प्रसिद्ध पातकी, तू पाप-पुंज-हारी॥नाथ तू अनाथ को, अनाथ कौन मोसो।मो समान आरत नहिं, आरतिहर तोसो॥ब्रह्म तू, हौं जीव, तू है ठाकुर, हौं चेरो।तात-मात, गुरु-सखा, तू सब विधि हितु मेरो॥तोहिं मोहिं नाते अनेक, मानियै जो भावै।ज्यों त्यों तुलसी कृपालु! चरन-सरन पावै॥Listen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava
Tue, 24 May 2022 - 90 - जो भजे हरि को सदा - उमा
जो भजे हरि को सदा सो परम पद पायेगा ..देह के माला तिलक और भस्म नहिं कुछ काम के .प्रेम भक्ति के बिना नहिं नाथ के मन भायेगा ..जो भजे हरि को सदा सो परम पद पायेगा ..दिल का दर्पण साफ कर और दूर कर अभिमान को .खाक हो गुरु के चरण की फिर जनम नहीं पायेगा ..जो भजे हरि को सदा सो परम पद पायेगा ..छोड़ दुनिया के मज़े और बैठ कर एकांत में .ध्यान धर हरि के चरण का तो प्रभु मिल जायेगा ..जो भजे हरि को सदा सो परम पद
Mon, 23 May 2022 - 89 - श्याम आये नैनों में - उमा
श्याम आये नैनों मेंबन गयी मैं साँवरीशीश मुकुट बंसी अधररेशम का पीताम्बरपहने है वनमाल, सखीसलोनो श्याम सुन्दरकमलों से चरणों परजाऊँ मैं वारि रीमैं तो आज फूल बनूँधूप बनूँ दीप बनूँगाते गाते गीत सखीआरती का दीप बनूँआज चढ़ूँ पूजा मेंबन के एक पाँखुड़ीListen to Bhajan sung by Dr. Uma Shrivastava by clicking here.
Sun, 22 May 2022 - 86 - होली: होलीआई रे कान्हा बृज के बसिया - उमा
Listen to this Holi `Holi aayii re kaanhaa brij ke basiya' in the voice of Dr. Uma Shrivastavaहोलीआई रे कान्हा बृज के बसियाहोलीआई रे कान्हा…आज बिरज में धूम मची है, सब मिल खेलें होलीझांझ मृदङ्ग मंजीरा बाजे,नाचे छोरा छोरीऐसी धूम मची बृज में रसियाहोलीआई रे कान्हा…अपने अपने घर से निकसी, कोई श्यामल कोई गोरी,किसी के हाथ गुलाल पिटारी कोई मारे पिचकारीअब तो धूम मची बृज में रसियाहोलीआई रे कान्हा…इत से
Sat, 3 Apr 2021 - 85 - होली: राम-जानकी की होरी
Listen to the Holi `Ram Janki ki Hori` sung by Shri Vibhu Varmaराम-जानकी की होरी (२)जनकपुर देखन चलो री, राम-जानकी की होरी…कौशल भूषण इत रघुनन्दन, उत मिथिलेश किशोरी, (२)सखा राम के, सखी सिया की, (२)कैसा ये फाग रचो री, जुगल छवि आज लखो री, राम जानकी की होरी…लपक झपक सीता ने लक्ष्मण, पकड़ लिये बरजोरी, (२)कहां गये वो धनुष बाण अब, (२)बेंदी माथे धरो री, सखी इनके रोली मलो री,राम जानकी की होरी…इतने में
Fri, 2 Apr 2021 - 84 - होली: होली आज जले चाहे काल जले
Listen to the Holi `Holi Aaj jale chahe kaal jale` in the voice of Shri Abhay Shrivastava.होली आज जले चाहे काल जले (२)मोरा श्याम सुन्दर मोसे आन मिले (२)होली आज जले ... जब सब सखियाँ श्रृंगार करत हैं, मैं बिरहन बिरहा से जलूँ सखीमैं बिरहन बिरहा से जलूँ होली आज जले ... सब के पिया घर ही बसत हैं, हमरे पिया परदेस बसे री सखीहमरे पिया परदेस बसेहोली आज जले ... मीरा के प्रभु
Thu, 1 Apr 2021 - 83 - होली: मोहन अजब खिलाड़ी
Listen to the Holi, Mohan Ajab Khilari` in the voice of Shri Abhay Shrivastavaमोहन अजब खिलाड़ी, देखो होली कौतुक भारीमोहन अजब...नर तन धर सोई नट नागर, श्री वृषभानु दुलारी, (२)दिखलावत नित नये तमाशे, (२)चतुरन बहुत विचारी, बुद्धि सबकी पचि हारी मोहन अजब... मन मटकी भर प्रेम रंग से, सुचिता की पिचकारी (२)तक तक मारिये श्याम सुंदर पर, (२)चूके न अवसर भारी, कपट को घूंघट हटा री
Wed, 31 Mar 2021 - 82 - होली: बिरज में धूम मचायो कान्हा
Listen to the Holi, Biraj me dhoom machayo Kanha in the voice of Shri V N Shrivastav, Bhola. बिरज में धूम मचायो कान्हा (2)बिरज में धूम …बिरज में धूम मचायो कान्हाबिरज में धूम …कैसे कैसे जाऊँ,कैसे कैसे जाऊँ, अपने धामबिरज में धूम मचायो कान्हा (2)बिरज में धूम …कैसे कैसे जाऊँ, मैं,कैसे कैसे जाऊँ, अपने धामबिरज में धूम मचायो कान्हा (2)बिरज में धूम …सब सखियाँ मिल, होली खेलत हैं (3)होली खेलत हैंसब
Tue, 30 Mar 2021 - 81 - होली गीत
राम परिवार में गाये जाने वाले पारंपरिक होली गीतबिरज में धूम मचायो कान्हामैं तो रंगी तुम ही रंग प्यारेमोहन अजब खिलाड़ीराम जानकी की होरीहोरी खेलत गिरधारीहोली आज जले चाहे काल जलेहोली आयी रे कान्हा बृज के बसिया
Mon, 29 Mar 2021 - 79 - Sai Bhajan: ये सब तुम्हारी मैहर है बाबा
Listen to VNS 'Bhola' teaching the bhajan to Prarthana & Chhavi. ये सब तुम्हारी मैहर है प्यारे, ये सब तुम्हारी मैहर है बाबा, कि अब भी महफिल जमी हुई है । जहाँ भी देखूँ जिधर भी देखूँ, तुम्हारी मूरत/सूरत पड़े दिखाई । यहाँ के हर शय में प्यारे बाबा, तुम्हारी ख़ुशबू भरी हुई है ॥ ये सब तुम्हारी मैहर है बाबा, कि अब भी महफिल जमी हुई है । जो आँख मूदूँ तो यूँ लगे ज्योँ, तू पास में ही खड़ा हुआ है
Sun, 20 May 2018 - 78 - सुन्दरकाण्ड - श्रीरामचरितमानस
Do the Sundarkand Path along with Shri Shiv Dayal Ji and Anil Shrivastava. कथा प्रारम्भ होत है, सुनहु वीर हनुमान । राम लक्षमण जानकी, करहुँ सदा कल्याण ॥ श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि । बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि ॥ बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरो पवन कुमार । बल बुद्धि विद्या देहु मोहि, हरहु कलेश विकार ॥ श्री गणेशाय नमः श्रीजानकीवल्लभो विजयते
Sun, 18 Feb 2018 - 75 - भजन: रोम रोम में रमा हुआ है
rom rom me ramA huA hai Listen to bhajan in the voice of V N Shrivastav 'Bhola' रोम रोम में रमा हुआ है, मेरा राम रमैया तू, सकल सृष्टि का सिरजनहारा, राम मेरा रखवैया तू, तू ही तू, तू ही तू, ... डाल डाल में, पात पात में, मानवता के हर जमात में, हर मज़हब, हर जात पात में एक तू ही है, तू ही तू, तू ही तू, तू ही तू, ... सागर का ख़ारा जल तू है, बादल में, हिम कण में तू है, गंगा का पावन जल तू है, रूप
Wed, 7 Feb 2018 - 74 - भजन: भज मन राम चरण सुखदाई ..
Bhajan: bhaj man ram charan sukhdai Listen to the bhajan in the voice of Madhu Chandra भज मन राम चरण सुखदाई .. जिन चरनन से निकलीं सुरसरि शंकर जटा समायी . जटा शन्करी नाम पड़्यो है त्रिभुवन तारन आयी .. राम चरण सुखदाई .. शिव सनकादिक अरु ब्रह्मादिक शेष सहस मुख गायी . तुलसीदास मारुतसुत की प्रभु निज मुख करत बड़ाई .. राम चरण सुखदाई ..
Tue, 6 Feb 2018 - 73 - भजन: पढ़ो पोथी में राम
Bhajan: Padho pothi me Ram Listen to the bhajan by clicking here (Audio from Bhajan Sandhya at Krishna Shivalaya on Nov 29, 2017) पढ़ो पोथी में राम, लिखो तख्ती पे राम . देखो खम्बे में राम, हरे राम राम राम .. राम, राम, राम, राम, राम ॐ . ( २) राम, राम, राम, राम, राम, राम . ( २) राम, राम, राम, राम, हरे राम राम राम .. देखो आंखों से राम, सुनो कानों से राम . बोलो जिव्हा से राम, हरे राम राम राम ..
Mon, 5 Feb 2018 - 72 - भजन: अब कैसे छूटै राम नाम रट लागी
bhajan: ab kaise chhute ram rat lagi Listen to bhajan by Shri V N S 'Bhola' अब कैसे छूटै राम नाम रट लागी । प्रभु जी, तुम चंदन हम पानी , जाकी अँग-अँग बास समानी । प्रभु जी, तुम घन बन हम मोरा , जैसे चितवत चंद चकोरा । प्रभु जी, तुम दीपक हम बाती , जाकी जोति बरै दिन राती । प्रभु जी, तुम मोती हम धागा , जैसे सोनहिं मिलत सुहागा । प्रभु जी, तुम स्वामी हम दासा , ऐसी भगति करै रैदासा । View on
Sun, 4 Feb 2018 - 71 - भजन: रे मन मूरख, जनम गँवायौ
Bhajan: re man murakh janam gavaayo Listen to bhajan by Shri VNS Bhola रे मन मूरख जनम गँवायौ । करि अभिमान विषय को राच्यो, नाम शरण नहिं आयौ ॥ मन मूरख जनम गँवायौ, रे मन मूरख जनम गँवायौ । ये संसार फूल सेमल ज्यौं, सुन्दर देखि रिझायो । चाखन लाग्यौ रुई उडि़ गई, हाथ कछू नहिं आयौ ॥ मन मूरख जनम गँवायौ, रे मन मूरख जनम गँवायौ । कहा भये अब के मन सोचें, पहिलैं नाहिं कमायौ । सूरदास हरि नाम भजन बिनु, सिर
Sun, 4 Feb 2018 - 70 - भजन: राम से बड़ा राम का नाम ..
Bhajan: Ram se bada Ram ka nam Listen in voice of Shri VNS Bhola, family and friends राम से बड़ा राम का नाम . अंत में निकला ये परिणाम, ये परिणाम, राम से बड़ा राम का नाम .. सिमरिये नाम रूप बिनु देखे, कौड़ी लगे ना दाम . नाम के बांधे खिंचे आयेंगे, आखिर एक दिन राम . राम से बड़ा राम का नाम .. जिस सागर को बिना सेतु के , लांघ सके ना राम . कूद गये हनुमान उसी को, लेकर राम का नाम . राम से बड़ा राम का नाम .
Fri, 2 Feb 2018 - 69 - धुन : आते भी राम बोलो
Dhun: aate bhi Ram bolo, jaate bhi Ram bolo Listen in the Voice of Shri VNS Bhola वृद्धि आस्तिक भाव की शुभ मंगल संचार । अभ्युदय सद्धर्म का राम नाम विस्तार ॥ (३) गुरु को करिए वंदना, भाव से बारम्बार । नाम सुनौका से किया, जिसने भव से पार ॥ कर्म धर्म का बोध दे, जिसने बताया राम । उसके चरण सरोज को, नतशिर हो प्रणाम ॥ वारे जाऊं संत के, जो देवे शुभ नाम । बांह पकड़ सुस्थिर करै, राम बतावे धाम ॥ श्री
Fri, 9 Mar 2018 - 68 - अमृत वाणी
Listen to Amritvani sung by Shri V N Shrivastav 'Bhola', Family and Friends सर्वशक्तिमते परमात्मने श्री रामाय नम: (७) (राम-कृपा अवतरण) परम कृपा सुरूप है, परम प्रभु श्री राम । जन पावन परमात्मा, परम पुरुष सुख धाम ।। १ ।। सुखदा है शुभा कृपा, शक्ति शान्ति स्वरूप । है ज्ञान आनन्द मयी, राम कृपा अनूप ।। २ ।। परम पुण्य प्रतीक है, परम ईश का नाम । तारक मंत्र
Fri, 9 Mar 2018 - 41 - भजन: हरि हरि हरि हरि सुमिरन करो
bhajan: hari hari hari hari sumiran karo MP3 Audio - Bhola हरि हरि, हरि हरि, सुमिरन करो, हरि चरणारविन्द उर धरो .. हरि की कथा होये जब जहाँ, गंगा हू चलि आवे तहाँ .. हरि हरि, हरि हरि, सुमिरन करो ... यमुना सिंधु सरस्वती आवे, गोदावरी विलम्ब न लावे . सर्व तीर्थ को वासा तहाँ, सूर हरि कथा होवे जहाँ .. हरि हरि, हरि हरि, सुमिरन करो ... hari hari, hari hari, sumiran karo, hari charaNAravind ur
Thu, 1 Feb 2018 - 25 - भजन: राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा
Listen to Bhajan: Ram Nam Japne Vale ko Ram Milega by Shri V N Shrivastav 'Bhola' राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा, राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा, राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा, राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा.. राम नाम जपने वाले को राम मिलेगा, राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा, राम मिलेगा, उसे राम का धाम मिलेगा.. राम धाम में दिव्य शांति विश्राम मिलेगा, राम धाम में दिव्य शांति विश्राम
Thu, 23 Feb 2017 - 24 - नैहरवा हमका न भावे - भजन - कबीरदास
naiharavaa hamakaa naa bhaave - bhajan by Sant Kabirdas Listen to this bhajan sung by Shri V N Shrivastav 'Bhola' by clicking here. कबीर दास जी की अति सारगर्भित रचना नैहरवा हमका न भावे !! साई की नगरी परम् अति सुंदर जहाँ कोई जान न पावे ! चाँद सूरज जहाँ पवन न पानी, को सन्देश पहुचावे ! दर्द ये साईं को सुनावे .. .!! टेक !! आगे चलों पन्थ नही सूझे, पीछे दोष लगावे केहि विधि ससुरे जाऊं मोरि
Sat, 19 Nov 2016 - 23 - अबिनासी दुलहा कब मिलिहो - भजन - सन्त कबीरदास जी
abinasi duliha kab miliho - bhajan by Sant Kabirdas Listen to the bhajan sung by Shri V N Shrivastav 'Bhola' by clicking here. अबिनासी दुलहा कब मिलिहो भगतन के रछपाल !! जल उपजी जल ही सो नेहा, रटत पियास पियास , मैं ठाढ़ी बिरहन मग जोहूँ , प्रियतम तुमरी आस !! टेक !! छोड़े नेह गेह, लगि तुमसों , भयी चरण लवलीन , तालामेलि होत घट भीतर , जैसे जल बिन मीन !! टेक !! दिवस नभूख
Fri, 18 Nov 2016 - 22 - दीनबंधु दीनानाथ मेरी तन हेरिये - भजन - मलूकदास
deenbandhu deenanath meri tan heriye - Bhajan by Sant Malukdas Listen to this bhajan sung by Shri VNS 'Bhola' by clicking here. दीनबन्धु दीनानाथ, मेरी तन हेरिये ॥ भाई नाहिं, बन्धु नाहिं, कटुम-परिवार नाहिं । ऐसा कोई मीत नाहिं, जाके ढिंग जाइये ॥ खेती नाहिं, बारी नाहिं, बनिज ब्योपार नाहिं ऐसो कोउ साहु नाहिं जासों कछू माँगिये ॥ कहत मलूकदास छोड़ि दे पराई आस, राम धनी पाइकै अब काकी सरन जाइये ॥
Fri, 18 Nov 2016 - 21 - भजन: राम दो निज चरणों में स्थान
Ram, do nij charano me sthan words, composition and voice - V N Shrivastav 'Bhola' Click here for mp3 audio from Shri Ram Sharanam राम, दो निज चरणों में स्थान, शरणागत अपना जन जान । अधमाधम मैं पतित पुरातन । साधनहीन निराश दुखी मन। अंधकार में भटक रहा हूँ । राह दिखाओ अंगुली थाम। राम, दो ... सर्वशक्तिमय राम जपूँ मैं । दिव्य शान्ति आनन्द छकूँ मैं। सिमरन करूं निरंतर प्रभु मैं। राम नाम मुद मंगल धाम।
Sun, 13 Nov 2016 - 20 - कीर्तन: हमारे रामजी से राम राम
Click to Listen to hamare ramji se ram ram, kahiyo ji hanuman हमारे रामजी से राम राम कहियो जी हनुमान कहियो जी हनुमान कहियो जी हनुमान .... हमारे रामजी से राम राम कहियो जी हनुमान कहियो जी हनुमान कहियो जी हनुमान ....
Sat, 29 Oct 2016 - 18 - संकट मोचन हनुमाष्टक
Listen to Sankat Mochan Hanumanashtak sung by Shri Ram Parivar members by clicking here. हमारे रामजी से राम राम, कहियो जी हनुमान , कहियो जी हनुमान, कहियो जी हनुमान ॥ बाल समय रवि भक्षि लियो तब, तीनहुँ लोक भयो अँधियारो । ताहि सों त्रास भयो जग को, यह संकट काहु सों जात ना टारो ।। देवन आनि करी बिनती तब, छाँड़ि दियो रबि कष्ट
Sat, 29 Oct 2016 - 17 - श्री हनुमान चालीसा
hanuman janmotsav ki bahut bahut badhai Listen to Hanuman Chalisa MP3 by Shri V N Shrivastav 'Bhola', family and friends श्री राम जय राम जय जय दयालु । श्री राम जय राम जय जय कृपालु ॥ अतुलित बल धामं हेम शैलाभ देहम् । दनुज वन कृषाणं ज्ञानिनां अग्रगणयम् । सकल गुण निधानं वानराणामधीशम् । रघुपति प्रियभक्तं वातजातं नमामि ॥ श्रीगुरु चरण सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि । वरनऊँ रघुवर विमल जसु,
Tue, 11 Apr 2017 - 16 - भजन: या मोहन के मैं रूप लुभानी
Bhajan: Ya Mohan ke main roop lubhani Listen to this bhajan sung by Shri GP Shrivastava by clicking here. या मोहन के मैं रूप लुभानी । जमना के नीरे तीरे धेनु चरावै बंसी से गावै मीठी बानी ।। या मोहन के मैं रूप लुभानी । तन मन धन गिरधर पर बारूं चरणकंवल मीरा लपटानी ।। या मोहन के मैं रूप लुभानी । सुंदर बदन कमलदल लोचन बांकी चितवन मंद मुसकानी ।। या मोहन के मैं रूप लुभानी ।
Fri, 28 Oct 2016 - 15 - भजन: सुने री मैंने निरबल के बल राम
Bhajan: sune ri maine nirbal ke bal ram Listen to this bhajan sung by Shri V N Shrivastav 'Bhola' by clicking here. सुने री मैंने निरबल के बल राम , पिछली साख भरूँ संतन की अड़े सँवारे काम । जब लग गज बल अपनो बरत्यो, नेक सरयो नहीं काम , निर्बल ह्वै बल राम पुकार्यो,आये आधे नाम । सुने री मैंने निरबल के बल राम । द्रुपद सुता निर्बल भईं ता दिन ,तजि आये निज धाम , दुस्सासन की भुजा थकित भई, वसन रूप भये
Fri, 28 Oct 2016 - 14 - भजन: जाऊँ कहाँ तजि चरन तुम्हारे
Bhajan: jau kahan taji charan tumhare Listen to this bhajan sung by Shri V N S 'Bhola' by clicking here. जाऊँ कहाँ तजि चरन तुम्हारे । काको नाम पतित पावन जग, केहि अति दीन पियारे । जाऊँ कहाँ तजि चरन तुम्हारे । कौनहुँ देव बड़ाइ विरद हित, हठि हठि अधम उधारे । जाऊँ कहाँ तजि चरन तुम्हारे । खग मृग व्याध पषान विटप जड़, यवन कवन सुर तारे । जाऊँ कहाँ तजि चरन तुम्हारे । देव, दनुज, मुनि, नाग, मनुज, सब
Fri, 28 Oct 2016 - 13 - भोला की भजन शाला - 1
यू ट्यूब के "भोला कृष्णा चेनल " में उपलब्ध -व्ही. एन . श्रीवास्तव "भोला" द्वारा गाये भजननिःशुल्क सीखिये और जी भर के गाइए,सीखने के साथ साथ अपने इष्ट को रिझाइये,मन वांछित फल पाइयेइन में से अनेक भजनों के लिखने और गाने की प्रेरणा पारम्परिक रचनाओं से मिली है, पुरातन उन सभी अज्ञेय रचनाकारों एवं संगीतज्ञों का गुरुत्व शिरोधार्य है !अंजनी सुत हे पवन दुलारे , हनुमत लाल राम के प्यारे !! शब्द स्वर = भोला
Sun, 3 Mar 2024 - 12 - भजन: प्रीति लगी तुम नाम की
Listen to this bhajan sung by Shri VNS 'Bhola' by clicking here. _______________________________________ कबीरदास जी की रचना -- प्रीति लगी तुम नाम की , पल बिसरैं नाहीं। नजर करो अब मेहर की, मोहि मिलौ गुसाईं।। बिरह सतावै हाय अब, जिव तड़पै मेरा। तुम देखन को चाव है प्रभु मिलौ सबेरा।। नैना तरसैं दरस को, पल पलक न लागै। दरदबंद दीदार का, निसि बासर जागै।। जो अबके प्रीतम मिलै , करूँ निमिष न न्यारा ।
Thu, 27 Oct 2016 - 11 - भजन: परम गुरु राम मिलावनहार
एक सुंदर भावपूर्ण भजन -- *परम गुरू राम मिलावनहार ।* *अति उदार, मंजुल मंगलमय,* *अभिमत - फलदातार ।।* *टूटी फूटी नाव पड़ी मम* *भीषण भव नद धार ।* *जयति जयति जय देव दयानिधि* *बेग उतारो पार ।।* यह सुन्दर रचना श्री भाई जी श्री हनुमान प्रसाद जी पोद्धार की है। (राग आसावरी -- ताल धुमाली ) (गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित " भजन संग्रह ", पृष्ठ 351) Listen to the bhajan sung by Shri V N S '
Wed, 26 Oct 2016 - 10 - भजन: जो भजे हरि को सदा
जो भजे हरि को सदा सो परम पद पायेगा .. देह के माला तिलक और भस्म नहिं कुछ काम के . प्रेम भक्ति के बिना नहिं नाथ के मन भायेगा .. दिल के दर्पण को सफ़ा कर दूर कर अभिमान को . खाक हो गुरु के चरण की तो प्रभु मिल जायेगा .. छोड़ दुनिया के मज़े और बैठ कर एकांत में . ध्यान धर हरि के चरण का फिर जनम नहीं पायेगा .. दृढ़ भरोसा मन में रख कर जो भजे हरि नाम को . कहत ब्रह्मानंद ब्रह्मानंद में ही समायेगा ..
Wed, 26 Oct 2016 - 8 - आरती: ॐ जय लक्ष्मी माता
MP3 Audio ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता तुम को निस दिन सेवत, मैयाजी को निस दिन सेवत हर विष्णु विधाता . ॐ जय लक्ष्मी माता .. उमा रमा ब्रह्माणी, तुम ही जग माता ओ मैया तुम ही जग माता . सूर्य चन्द्र माँ ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॐ जय लक्ष्मी माता .. दुर्गा रूप निरन्जनि, सुख सम्पति दाता ओ मैया सुख सम्पति दाता . जो कोई तुम को ध्यावत, ऋद्धि सिद्धि धन पाता ॐ जय लक्ष्मी माता .. तुम पाताल
Wed, 11 Nov 2015 - 7 - आरती: जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा .
MP3 Audio जय गणेश, जय गणेश, जय गणेश, देवा . माता जाकी पारवती, पिता महादेवा .. एकदन्त, दयावन्त, चारभुजाधारी, माथे पर तिलक सोहे, मूसे की सवारी . पान चढ़े, फूल चढ़े और चढ़े मेवा, लड्डुअन का भोग लगे, सन्त करें सेवा .. अंधे को आँख देत, कोढ़िन को काया, बाँझन को पुत्र देत, निर्धन को माया . 'सूर' श्याम शरण आए, सफल कीजे सेवा, जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा ..
Wed, 11 Nov 2015 - 6 - आरती: जगजननी जय जय
जगजननी जय! जय! माँ! जगजननी जय! जय! भयहारिणी, भवतारिणी, भवभामिनि जय जय। जगजननी .. तू ही सत्-चित्-सुखमय, शुद्ध ब्रह्मरूपा। सत्य सनातन, सुन्दर, पर-शिव सुर-भूपा॥ जगजननी .. आदि अनादि, अनामय, अविचल, अविनाशी। अमल, अनन्त, अगोचर, अज आनन्दराशी॥ जगजननी .. अविकारी, अघहारी, अकल कलाधारी। कर्ता विधि, भर्ता हरि, हर संहारकारी॥ जगजननी .. तू विधिवधू, रमा, तू उमा महामाया। मूल प्रकृति, विद्या तू, तू जननी
Wed, 21 Oct 2015 - 5 - कीर्तन: मैया तेरा बना रहे दरबार
MP3 Audio of Bhajan maiya tera bana rahe darbar Voice - Dr. Mrs. Premlata Paliwal मैया तेरा बना रहे दरबार बना रहे दरबार मैया तेरा तेरे पावन दर पे आके मैया हो सबका उद्धार मैया बना रहे दरबार प्रेम का दीपक ज्ञान की बाती मन मन्दिर में जले दिन राती मैया मिट जाये अंधकार मैया बना रहे दरबार गहरी नदिया, नाव पुरानी जीवन की यह अथक कहानी तू ही खेवनहार मैया बना रहे दरबार जो भी तेरे दर पे आया
Mon, 19 Oct 2015 - 4 - आरती: जय अम्बे गौरी
MP3 Audio जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी तुम को निस दिन ध्यावत मैयाजी को निस दिन ध्यावत हरि ब्रह्मा शिवजी . बोलो जय अम्बे गौरी .. माँग सिन्दूर विराजत टीको मृग मद को मैया टीको मृगमद को उज्ज्वल से दो नैना चन्द्रवदन नीको बोलो जय अम्बे गौरी .. कनक समान कलेवर रक्ताम्बर साजे मैया रक्ताम्बर साजे रक्त पुष्प गले माला कण्ठ हार साजे बोलो जय अम्बे गौरी .. केहरि वाहन राजत खड्ग कृपाण धारी मैया खड्ग
Sun, 18 Oct 2015 - 3 - भजन: नमामि अम्बे दीन वत्सले
नमामि अम्बे दीन वत्सले, तुम्हे बिठाऊँ हृदय सिंहासन . तुम्हे पिन्हाऊँ भक्ति पादुका, नमामि अम्बे भवानि अम्बे .. श्रद्धा के तुम्हे फूल चढ़ाऊँ, श्वासों की जयमाल पहनाऊँ . दया करो अम्बिके भवानी, नमामि अम्बे भवानि अम्बे .. बसो हृदय में हे कल्याणी, सर्व मंगल मांगल्य भवानी . दया करो अम्बिके भवानी, नमामि अम्बे भवानि अम्बे .. MP3 Audio
Sat, 17 Oct 2015
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