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मुहम्मद इक़बाल मसऊदी (उर्दू: محمد اقبال) (जीवन: 9 नवम्बर 1877 – 21 अप्रैल 1938). उपनाम - अलामा इक़बाल। अविभाजित भारत के प्रसिद्ध कवि, नेता और दार्शनिक थे। उर्दू और फ़ारसी में इनकी शायरी को आधुनिक काल की सर्वश्रेष्ठ शायरी में गिना जाता है। 1904 - "सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोस्तां हमारा " ग़ज़ल के लेखक।
48 - मेरा वतन वही है...!!!
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- 48 - मेरा वतन वही है...!!!Sat, 02 Oct 2021
- 47 - मता-ए-बे-बहा है दर्द-ओ-सोज़-ए-आरज़ू-मंदी !!!Sat, 02 Oct 2021
- 46 - वो हर्फ़-ए-राज़ के मुझ को सिखा गया है जुनूँSat, 02 Oct 2021
- 45 - न तू ज़मीं के लिए है न आसमाँ के लिएSat, 02 Oct 2021
- 44 - वहीं मेरी कम-नसीबी वही तेरी बे-नियाज़ी...Sat, 02 Oct 2021
- 43 - दिल सोज़ से ख़ाली है निगह पाक नहीं है...Sat, 02 Oct 2021
- 42 - न तख़्त ओ ताज में ने लश्कर ओ सिपाह में है !!!Sat, 02 Oct 2021
- 41 - मुझे आह-ओ-फ़ुग़ान-ए-नीम-शब का फिर पयाम आया...Sat, 02 Oct 2021
- 40 - ख़ुदी की शोख़ी ओ तुंदी में किब्र ओ नाज़ नहीं...Sat, 02 Oct 2021
- 39 - अपनी जौलाँ-गाह ज़ेर-ए-आसमाँ समझा था मैं...Sat, 02 Oct 2021
- 38 - हादसा वो जो अभी पर्दा-ए-अफ़लाक में है....Sat, 02 Oct 2021
- 37 - दयारे-इश्क़ में अपना मुक़ाम पैदा कर...Sat, 02 Oct 2021
- 36 - ख़ुदा से हुस्न ने इक रोज़ ये सवाल किया_हकी़क़ते-हुस्न ...!!!Wed, 29 Sep 2021
- 35 - सितारों के आगे जहाँ और भी हैं....Wed, 29 Sep 2021
- 34 - मजनूँ ने शहर छोड़ा है सहरा भी छोड़ दे !!!Wed, 29 Sep 2021
- 33 - तू अभी रहगुज़र में है क़ैद-ए-मकाम से गुज़र...Wed, 29 Sep 2021
- 32 - नहीं मिन्नत-कश-ए-ताब-ए-शनीदन दास्ताँ मेरी...Wed, 29 Sep 2021
- 31 - जुगनूWed, 29 Sep 2021
- 30 - ख़िरदमन्दों से क्या पूछूँ कि मेरी इब्तिदा क्या हैSat, 25 Sep 2021
- 29 - जब इश्क़ सिखाता है आदाब-ए-ख़ुद-आगाहीSat, 25 Sep 2021
- 28 - गेसू-ए- ताबदार को और भी ताबदार करSat, 25 Sep 2021
- 27 - उट्ठो मेरी दुनिया के ग़रीबों को जगा दोSat, 25 Sep 2021
- 26 - जिन्हें मैं ढूँढता था आस्मानों में ज़मीनों मेंSat, 25 Sep 2021
- 25 - कभी ऐ हक़ीक़त-ए-मुन्तज़रSat, 25 Sep 2021
- 24 - क्या कहूँ अपने चमन से मैं जुदा क्योंकर हुआSat, 25 Sep 2021
- 23 - गुलज़ार-ए-हस्त-ओ-बू न बेगानावार देखSat, 25 Sep 2021
- 22 - अजब वाइज़ की दीन-दारी है या रबSat, 25 Sep 2021
- 21 - न आते हमें इसमें तकरार क्या थीSat, 25 Sep 2021
- 20 - फिर चराग़े-लाला से रौशन हुए कोहो-दमनSat, 25 Sep 2021
- 19 - सख़्तियाँ करता हूँ दिल पर ग़ैर से ग़ाफ़िल हूँ मैं...Thu, 09 Sep 2021
- 18 - ख़ुदा के बन्दे तो हैं हज़ारों बनो में फिरते हैं मारे-मारेMon, 06 Sep 2021
- 17 - है कलेजा फ़िगार होने को...Mon, 06 Sep 2021
- 16 - लबरेज़ है शराब-ए-हक़ीक़त से जाम-ए-हिन्द...Mon, 06 Sep 2021
- 15 - लब पे आती है दुआ बनके तमन्ना मेरी...Mon, 06 Sep 2021
- 14 - परीशाँ होके मेरी खाक आखिर दिल न बन जाये...Mon, 06 Sep 2021
- 13 - ख़िर्द के पास ख़बर के सिवा कुछ और नहीं...Mon, 06 Sep 2021
- 12 - तस्कीन न हो जिस से वो राज़ बदल डालो...Mon, 06 Sep 2021
- 11 - नसीहत...Mon, 06 Sep 2021
- 10 - सफ़र कर न सका...Mon, 06 Sep 2021
- 9 - अक़्ल ने एक दिन ये दिल से कहा...Mon, 06 Sep 2021
- 8 - असर करे न करे सुन तो ले मेरी फ़रियादSat, 04 Sep 2021
- 7 - जिस खेत से दहक़ाँ को मयस्सर नहीं रोज़ी...Sat, 04 Sep 2021
- 6 - अगर कज-रौ हैं अंजुम आसमाँ तेरा है या मेराSat, 04 Sep 2021
- 5 - डरते-डरते दमे-सहर सेSat, 04 Sep 2021
- 4 - उक़ाबी शान से झपटे थे जो बे-बालो-पर निकलेSat, 04 Sep 2021
- 3 - तराना-ए-हिन्दी (सारे जहाँ से अच्छा हिन्दोसिताँ हमारा )Sat, 04 Sep 2021
- 2 - एक आरज़ू !!!Sat, 04 Sep 2021
- 1 - ऐ हिमाला ऐ फ़सीले किश्वरे-हिन्दोस्ताँ !!!Sat, 04 Sep 2021
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